होम › श्री हित बयालीस लीलाश्री हित बयालीस लीला — छंद 17.37सभा-मण्डल अरुन अधर दसनावली, झलकति परम रसाल।हीरनि की पंकति मनौं, बंदन में करी लाल॥३७॥