होम › श्री हित बयालीस लीलाश्री हित बयालीस लीला — छंद 17.123सभा-मण्डल हँसि बैठे तेहि सेज पर, हेत सखिन कौ जानि।कहत परस्पर बैंन मृदु, मैंन रंग सौं सानि॥१२३॥