॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
The Radhavallabh Times श्री हित समाचार भक्त चरित्र · युगल लीला · पद · वाणी · सत्संग
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Shri Hit Bayalis Leela — chhnd 21.95

Premavali

prem pagi taisi sakhi, rangin duhunni ke het |
sahaj madhuri rup ki, nainnin bhari-bhari let || 95 ||
प्रेम पगी तैसी सखी, रँगीं दुहुँनि के हेत।
सहज माधुरी रूप की, नैननिं भरि-भरि लेत॥९५॥