॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
The Radhavallabh Times श्री हित समाचार भक्त चरित्र · युगल लीला · पद · वाणी · सत्संग
ताज़ा

श्री हित बयालीस लीला — छंद 25.71

रति-मञ्जरी

उर सौं उर मिलि भुजनि भरावैं। चरन पलोटि सेज पौढ़ावैं॥७१॥