होम › श्री हित बयालीस लीलाश्री हित बयालीस लीला — छंद 27.10वन-विहार अंगनि छबि भूषन झलक, फैलि रही बन माहिं।ससि-सूरज दुति जहाँ लगि, निरखत सबै लजाहिं॥१०॥