॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
The Radhavallabh Times श्री हित समाचार भक्त चरित्र · युगल लीला · पद · वाणी · सत्संग
ताज़ा

श्री हित बयालीस लीला — छंद 27.22

वन-विहार

फूलि-फूलि फूली फिरैं, देखत जहँ-तहँ फूल।
झलमलात दीपावली, मनिमय जमुना-कूल॥२२॥

अर्थ / व्याख्या

भावार्थ (स्वामी श्री हितदास जी — पुस्तक की टीका, स्कैन से; छोटी त्रुटियाँ सम्भव)

श्रीवन में व्याप्त प्रफुल्लता को देखकर ऐसा लगा, मानो तटवर्त्ती मणिमयी दीपावली झलमलाहट के द्वारा अपनी प्रसन्नता प्रकट करने लगी