॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
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श्री हित बयालीस लीला — छंद 33.38

रहस्य-लता

कबहुँ बात मुसिकात बिच, फिरि-फिरि फिरि लपटात।
ऐसै रंग बिहार में, तदपि न सखी अघात॥३८॥