॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
The Radhavallabh Times श्री हित समाचार भक्त चरित्र · युगल लीला · पद · वाणी · सत्संग
ताज़ा

श्री हित बयालीस लीला — छंद 37.85

रसानन्द

खेलत नवल नागरी-नाइक। चौपर-खेल महा सुखदायक॥८५॥

अर्थ / व्याख्या

भावार्थ (स्वामी श्री हितदास जी — पुस्तक की टीका, स्कैन से; छोटी त्रुटियाँ सम्भव)

आज नवल नागरी श्री राधा और नवल नायक श्री लालजी महान्‌ सुखदायक खेल चौपड़ खेल रहे हैं