होम › श्री हित बयालीस लीलाश्री हित बयालीस लीला — छंद 41.12मान-लीला लुठत धरनि अँसुवनि भरनि, बाढ़ी नदी अपार।गहि रहे गुन इक नेह कौ, राधा नाम अधार॥१२॥