॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
The Radhavallabh Times श्री हित समाचार भक्त चरित्र · युगल लीला · पद · वाणी · सत्संग
ताज़ा

श्री हित बयालीस लीला — छंद 41.21

मान-लीला

जब जान्यौ कछु मन भयौ, चतुर चित्त की पाइ।
ल्यावन प्यारे लाल कौं, तेहि छिन आई धाइ॥२१॥