होम › श्री हित बयालीस लीलाश्री हित बयालीस लीला — छंद 7.11वृहद् वामन पुराण कथा एक भक्त वंदन करत, नहिं चितवत तिनि ओर।ब्रज बनितनि के पगनि सौं, लावत मुकुट किसोर॥११॥