होम › श्री हित बयालीस लीलाश्री हित बयालीस लीला — छंद 7.14वृहद् वामन पुराण कथा सब भक्तनि के सिरनि पर, हरि ईश्वर नँदलाल।ब्रज में सेवक ह्वै रहे, अद्भुत प्रेम की चाल॥१४॥