होम › श्री हित बयालीस लीलाश्री हित बयालीस लीला — छंद 7.66वृहद् वामन पुराण कथा पुनि फिरि वेदनि सौं कही, जो पूछ्यौ सुनि लेहु।नित ही नित्य बिहार करैं, यामें कछु न संदेहु॥६६॥