होम › श्री हित बयालीस लीलाश्री हित बयालीस लीला — छंद 13.87भजन-शत जौ है मन विश्वास 'ध्रुव', तब सुधरै सब बात।नातरु माया-पंथ में, फिरत जु टक्कर खात॥८७॥