॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
The Radhavallabh Times श्री हित समाचार भक्त चरित्र · युगल लीला · पद · वाणी · सत्संग
ताज़ा

श्री हित बयालीस लीला — छंद 15.85

मणि-शृङ्गार

हार-थार बिच झलकि रह्यौ, नाहिंन इंदु समान।
पहिरैं धोती फूल की, राजत मिथुन सुजान॥८५॥