होम › श्री हित बयालीस लीलाश्री हित बयालीस लीला — छंद 16.3हित-शृङ्गार जलज-थलज विकसित सहज, नील-पीत सित-लाल।हेम-बेलि रही लपटि कै, सुंदर सुभग तमाल॥३॥