बन्दिय सेवक मुख की बानी।
श्रीहरिवंश नाम की प्रभुता, जिन बहु भाँति बखानी॥
अनुभव जनित रची छंदन, दम्पति-रति-सदन कहानी।
रसिकनि श्रवन सुधा अँचवाई, को ऐसौ बड़दानी।।
भक्त-भूप हितपथ जु उजागर दाइक मान अमानी।
आसय गहर उदधि हूँतें अति जिन जानी तिन जानी॥
बन्दिय सेवक मुख की बानी।
श्रीहरिवंश नाम की प्रभुता, जिन बहु भाँति बखानी॥
अनुभव जनित रची छंदन, दम्पति-रति-सदन कहानी।
रसिकनि श्रवन सुधा अँचवाई, को ऐसौ बड़दानी।।
भक्त-भूप हितपथ जु उजागर दाइक मान अमानी।
आसय गहर उदधि हूँतें अति जिन जानी तिन जानी॥