#3/सार को सार
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
इस सृष्टि चक्र चल रहा है कॉल चक्र हमारा पुरी सृष्टि को उसी में तुम घूम रहे हो अब तुम घूमना बंद करो पीस जाओगे इस घूमने लेकर प्रभु का प्रबल तुम्हें केवल भजन भजन करने वाले की जीवन में प्रभु की कृपा कवच बनकर के उपस्थित हो जाती है कोई उसे बढ़ा नहीं पहुंचा सकता किसी भी तरह की आंतरिक एन बाय की तो किसी महापुरुष के पास होती है भगवान की बचपन की सत्यता है मैं शौक को त्याग करता हूं बराबर प्यार करता हूं तो मेरे को समझ में क्यों नहीं ए रहा क्योंकि तुम प्रभु को अपनी याद में नहीं बसाए संसार को बसाए इसीलिए उनकी दया को तुमने याद में हो तो उनकी दया का प्रबल तुम्हें अनुभव होगा
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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