सुबह-सुबह ये बात मान लो, ज़िंदगी बदल जाएगी !
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
थोड़ा चर्बी घटनी चाहिए शरीर को उतना ही भोजन दो जितना काम चलाओ अधिक भोजन वाला मेहनत नहीं कर सकता ध्यान रखना थोड़ा सा काम पड़े ऐसे लंबी सांस चलने लगी फूलने लगे इतना भारी पेट हो गया चर्बी अरे काहे को बोझा बढ़ा रहे हो लकड़ियों का ढेर ज्यादा लगेगा जलाने में मरना ही है इसके लिए बोले सुबह-सुबह बाबा जी मरने की बात जरूर कर रहा है इसीलिए सुबह-सुबह कहते पूरा दिन तुम्हारा बढ़िया जाए मरने की बात करने से बढ़िया जाएगा हां होश में रहोगे कि मरना है तो भगवान का नाम जप करना है पाप नहीं करना है दूसरे को सुख देना है भगवान की प्रसन्नता वाले कार्य करने शरीर छूटना है आज नहीं तो कल छूटेगा बस यही माया है जने द्र रसेंद्र ये दो इंद्रियां ऐसी है जो फसा देती बड़े-बड़े इनको कब्जे में कर लेना चाहिए मांग नहीं होनी चाहिए अंदर मांग हो कि आज ये पाना है तो किसी को बताओ मत और संकल्प के अनुसार आ जाए तो उचित है कि पाओ मत अगर पाओ तो स्वाद बिगाड़ के पाओ
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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