भक्ति को छुपाने का सही मतलब क्या है ?
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
मैं जैसे रज लगा के जाता हूं ऑफिस अब मैं वहां जा रहा हूं ऑफिस में तो वहां चार लोग पूछ रहे हैं कि अच्छा यह तो मतलब तुम तो बहुत पूजा पाठी वाले हो गए हो देखो आप देखो बड़े-बड़े ऑफिसर ऐसे हैं जो तिलक लगा के जाते हैं और यह यही तो आपको कहेंगे कि बड़े भगत बनते हो मतलब भगवान से जोड़ेंगे बुराई तो नहीं की क्या वह लोग शराब पीना छुपाते हैं क्या वह गंदी बातें छुपाते हैं उसे गर्भ से पीते हैं तो आप भगवान का नाम और भगवान की भक्ति क्यों छुपाए वो छुपाने का मतलब है कि आप कितना नाम जप करते हैं हां आप क्याक करते हैं ये आपको बताने की जरूरत नहीं लेकिन हम जैसे तिलक लगाए तो हमारे भगवान का दासत है तिलक लगा लि जैसे मैंने पूरा न लगा लिया जी तो कोई कुछ नहीं नहीं ये ये ठीक है अब इसमें यही कोई कहेगा कि तुम भक्ति करते हो क्या बस चुप रहे कोई उत्तर नहीं दिया ऐसे कोई उपहास कर र देखो तो बड़े भगत बन गए तो कोई बुरा तो नहीं बोला भगवान से हमारा संबंध है उसी को कह रहे हैं कि भगवान के भगत है अगर मान लीजिए मिटा दिया तो उससे कोई
पाप तो नहीं होता है नहीं मिटाना नहीं लग गया तो गर्दन कटवा सकते मिटा नहीं सकते सम्राट अकबर ने यही आदेश किया था तो मधुकर शाह जी ने ऊपर का कपड़ा भी हटा कर के द्वादश तिलक लगा के गए थे और जब कहा मेरा फरमान नहीं सुना तो तलवार खींच ली और कहा यह अनंत मुल्कों के बादशाह का दासत है तू एक मुल्क का बादशाह है अगर इसके मिटने की ताकत रखता तो पहले वाह भाई वाह वाह अच्छे तिलक तो आप ही निकले जो अपनी निष्ठा में नहीं तो और सब मिटा के गए थे तो यह हमारे ईश्वर का दासत है
इसे ना कोई और मिटा सकता त ना हम मिटा सकते हैं
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
संबंधित
- जिससे प्रेम होता है, उसकी हर चीज़ प्यारी लगती है — जब हम किसी को अपना मानते हैं तो बार-बार उसकी चर्चा करने में, बार-बार उसकी चर्चा सुनने में और वह गली भी प्यारी लगती है जिसमें अपना प्यारा रहता है और उसके पड़ोसी भी प्यारे लगते…
- भगवान कब मिलते हैं? हर साधक को जानना चाहिए | Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj — एक बार नारद जी महाराज भ्रमण करते हुए जा रहे थे तो कुछ समीप पे एक बट वृक्ष के नीचे महात्मा भजन कर रहे थे एक पीपल के नीचे भजन कर रहे थे तो नारद जी को प्रणाम करके बट वृक्ष वाले…
- मौका बार-बार नहीं मिलता.. कहीं देर न हो जाए! — यह जितनी भी गंदी बातें हैं मदिरापान करना, मांस खाना, जुआ खेलना, व्यभचार करना यह सब महापाप है। बुद्धि को भ्रष्ट कराकर ऐसे जीव को नष्ट हो जाता। यह समझ में नहीं आता। मनुष्य शरीर…
- माँगी हुई हर चीज़ क्यों नहीं मिलती, क्या वजह है? — मां के पास गए हमें इतने रुपए दीजिए नहीं हमें चाहिए इतने नहीं देंगे नहीं देंगे नहीं देंगे तो बदमाश बर्बाद करेगा तो यह बात मां से ही हो सकती है दूसरे से नहीं हो सकती आप दूसरे से…
- 🤍🤍राधापिय जू के फूल बंगला में दर्शन 🤍🤍 — राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा [घंटा] राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा…
- कलियुग में ऐसा क्या खास है जो सतयुग में भी नहीं? — कलयुग पापों का विस्तार करेगा तो मुनियों ने विचार किया कि पापों से कैसे बचा जाए तो भगवान व्यास देव जी उस समय गंगा जी में स्नान कर रहे थे तो सबने सोचा चलो व्यास जी से चलकर के…