मरने के बाद इंसान कहाँ जाता है?
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
इंसान जाता कहां है महाराज जी मरने के बाद अगर पाप कर्म हुआ तो नर्क जाता है पुण्य कर्म हुआ तो स्वर्ग जाता है अपने पाप और पुण्यं का भोग भोग कर फिर मृत्यु लोक आता है पुण्य छीने मृत्यु लोके वि संती एक अपराध की भारत में ऐसी सजा है कि 20 साल सजा आजीवन कारावास या फांसी की सजा एक ही अपराध में तो होती है हमारे कितने ऐसे अपराध है ना भारत सरकार से दंड मिला है ना हमने प्रश्चित किया है तो उन पापों का फल नरक में तो भोगना पड़ेगा अगर नरक में नहीं भोगना है तो अभी नाम जप कर लो भगवान का आश्रय लेकर के उन पापों को नष्ट कर दो नहीं तो तुम्हें नष्ट कर देंगे तो कहो एक कल्प रहना पड़े नरक में ऐसे जो हमने पाप किए हैं उसका हम यहां भुगतान कर सकते हैं महाराज जी कि हमें जाना ना पड़े नर हां बिल्कुल कर सकते हैं बिल्कुल कर सकते हैं भजन के द्वारा तीर्थ आटन के द्वारा दान पूर्ण के द्वारा परोपकार के द्वारा और सबका फल मांगे कि मैं निष्पाप हो जाऊं मैं भगवान को प्राप्त हूं तो फिर भगवत प्राप्ति ही ना होती अगर पाप नष्ट ना होते तो
निष्पाप पुरुष ही भगवत प्राप्त होता है तो निष्पाप तभी हो जाता है जब नाम कीर्तन भगवान की लीला कथा श्रवण भगवान की लीला कथा गायन नाम जप दूसरों को सुख पहुंचाना इसी से हमारे पाप नष्ट होते म जी समझदारी तो इसी में है कि ही आप बुद्धिमान ही तो तभी अभी देखो पीछे वाले बैच में एक बच्चा नहीं कह रहा था मुझे भय रहता है कि मुझे मरना है मेरे से कोई पाप ना बन जाए कोई गलती हम कहा कितना बढ़िया पवित्र हृदय नई अवस्था है पर वो कह रहा मैं भयभीत रहता हूं मेरे से कोई पाप ना बन जाए हम कहा तुम बहुत अच्छे महात्मा बन जाओगे अंदर से जो भयभीत रहता है कि मेरे से गलती ना हो जाए वो निकल जाएगा और जो गलतियों में निर्भय होकर जाते फस जाते हैं नष्ट हो जाते हैं
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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