जैन संत पूज्य हंसरन्न सूरीश्वर जी महाराज से महाराज जी की क्या वार्तालाप हुई ?
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
हम आपकी ऊर्जा लेने के लिए ही आए हैं। आप ऊर्जा देने के लिए आए हैं। हम अधम जीव हैं। आप कृपा करने के लिए संत जन कृपालु होते हैं। जब भगवान द्रवित होते हैं तो संत जनों का संग मिलता है। विराज बैठता है। पंखा आपका आरोग्य की इतनी होते हुए भी आप इतनी समाधि में हो, प्रसन्न हो। देखते हैं हमको बल मिलता है। बहुत बार आपका वीडियो भी हम सुनते हैं। कभी भी ऐसे होता है कि इतने अच्छे संत है तो हम भी भगवान से प्रार्थना करते हैं। आप संतों की प्रार्थना से ही चल रहा है। नहीं कब का मिट गया होता।
माना चले तो हम लोग हमारी किडनी आपको दे देते। दोनों किडनी दे। ऐसे हम भावना भात है। इस समय हमारे जैन मुनियों ने जो हमारी पूर्व संतों की परंपरा रही है। बहुत सांगोपांग निर्वाह कर रहे हैं। देखो पीटे भी गए। भूख प्यास भी गर्मी सर्दी ऐसी गर्मी में सब पूरे कष्ट सह करके अपने धर्म का पालन कर रहे हैं। हम बार-बार प्रणाम करते हैं। इन मुनियों को बार-बार प्रणाम करते हैं। आपकी कृपा दृष्टि मिली ना वही हमारे लिए बहुत बड़ी चीज तो आपका प्यार आपने अभी बताया कि कृपा वही बड़ी बात है।
ये जो आपका प्यार मिला ना हमारा हृदय एकदम आप प्यार मूर्ति हैं। ओम
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
संबंधित
- अन्न का ऐसा गहरा प्रभाव कि संत से भी हो गई चोरी! — पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
- जिससे प्रेम होता है, उसकी हर चीज़ प्यारी लगती है — जब हम किसी को अपना मानते हैं तो बार-बार उसकी चर्चा करने में, बार-बार उसकी चर्चा सुनने में और वह गली भी प्यारी लगती है जिसमें अपना प्यारा रहता है और उसके पड़ोसी भी प्यारे लगते…
- भगवान कब मिलते हैं? हर साधक को जानना चाहिए | Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj — एक बार नारद जी महाराज भ्रमण करते हुए जा रहे थे तो कुछ समीप पे एक बट वृक्ष के नीचे महात्मा भजन कर रहे थे एक पीपल के नीचे भजन कर रहे थे तो नारद जी को प्रणाम करके बट वृक्ष वाले…
- मौका बार-बार नहीं मिलता.. कहीं देर न हो जाए! — यह जितनी भी गंदी बातें हैं मदिरापान करना, मांस खाना, जुआ खेलना, व्यभचार करना यह सब महापाप है। बुद्धि को भ्रष्ट कराकर ऐसे जीव को नष्ट हो जाता। यह समझ में नहीं आता। मनुष्य शरीर…
- माँगी हुई हर चीज़ क्यों नहीं मिलती, क्या वजह है? — मां के पास गए हमें इतने रुपए दीजिए नहीं हमें चाहिए इतने नहीं देंगे नहीं देंगे नहीं देंगे तो बदमाश बर्बाद करेगा तो यह बात मां से ही हो सकती है दूसरे से नहीं हो सकती आप दूसरे से…
- 🤍🤍राधापिय जू के फूल बंगला में दर्शन 🤍🤍 — राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा [घंटा] राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा…