मैं जो भगवान से माँगती हूँ, वही मुझे नहीं मिलता।
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
परिचय जो हम चाहते हैं हमें ईश्वर नहीं देते। लोगों को मांगना भी नहीं आता। ठाकुर जी के पास जाते हैं बोलते मैं एक भोग लगाऊंगा। हमारा काम कर दो। ठाकुर जी से मांगना भी नहीं आता। ठाकुर जी को ठाकुर जी मानो यार। प्रभु को प्रभु मानो और अपना स्वामी मानो, अपना प्रीतम मानो, अपना यार मानो तो अभी काम बनने लगे। आप क्या सोचते हो? आपके परिवार में कितने लोग हैं? परिवार में कितने लोग हैं? 13, 13 तुझको अर्पण कर दूं। क्या लागे मेरा अभी सारी बात भगवान को लड्डू पेड़ा नहीं चाहिए भगवान अनंत ब्रह्मांडों के स्वामी है उनको तुम्हारा भाव चाहिए उनको भाव है नहीं प्रेम है नहीं तपस्या है नहीं तो कामना क्यों पूर्ति हो हमें बताओ ना कैसे पूर्ति हो कामना की ऐसे कामना की पूर्ति नहीं होगी ऐसे ऐसे भगवान को कोसोमा संपूर्ण सृष्टि भगवान का बच्चा है और संपूर्ण सृष्टि को आवश्यक सामग्री भगवान सबको दे रहे कामनाओं की पूर्ति के लिए आपको तप करना पड़ेगा।
आपको भजन करना पड़ेगा। कामनाओं की पूर्ति के लिए आपको भगवान से प्यार करना पड़ेगा। तभी आप ले सकते हैं। मेरे ईश्वर की दुकान में है। सबका जीवन खाता दुकान में वस्तु लेने के दो अधिकार चाहिए। पहला अधिकार आपके पास रुपया होना चाहिए। तो आप दुकान से वस्तु ले सकते हैं। या आप घर वाले होने चाहिए। तो घर वाले हैं तो आप गए बोले भैया वो जरूरत है जरा वो सामान देना तो बिना तौल के उतनी जितने दे देगा। पैसे से मतलब नहीं। क्यों? क्योंकि घर वाला है। आप दो में से कौन हो? ना आप हरि के घर वाले बने और ना आपके पास तपस्या रूपी धन है।
तो आपकी कामना कैसे पूर्ति हो जाए?
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
संबंधित
- अन्न का ऐसा गहरा प्रभाव कि संत से भी हो गई चोरी! — पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
- जिससे प्रेम होता है, उसकी हर चीज़ प्यारी लगती है — जब हम किसी को अपना मानते हैं तो बार-बार उसकी चर्चा करने में, बार-बार उसकी चर्चा सुनने में और वह गली भी प्यारी लगती है जिसमें अपना प्यारा रहता है और उसके पड़ोसी भी प्यारे लगते…
- भगवान कब मिलते हैं? हर साधक को जानना चाहिए | Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj — एक बार नारद जी महाराज भ्रमण करते हुए जा रहे थे तो कुछ समीप पे एक बट वृक्ष के नीचे महात्मा भजन कर रहे थे एक पीपल के नीचे भजन कर रहे थे तो नारद जी को प्रणाम करके बट वृक्ष वाले…
- मौका बार-बार नहीं मिलता.. कहीं देर न हो जाए! — यह जितनी भी गंदी बातें हैं मदिरापान करना, मांस खाना, जुआ खेलना, व्यभचार करना यह सब महापाप है। बुद्धि को भ्रष्ट कराकर ऐसे जीव को नष्ट हो जाता। यह समझ में नहीं आता। मनुष्य शरीर…
- माँगी हुई हर चीज़ क्यों नहीं मिलती, क्या वजह है? — मां के पास गए हमें इतने रुपए दीजिए नहीं हमें चाहिए इतने नहीं देंगे नहीं देंगे नहीं देंगे तो बदमाश बर्बाद करेगा तो यह बात मां से ही हो सकती है दूसरे से नहीं हो सकती आप दूसरे से…
- 🤍🤍राधापिय जू के फूल बंगला में दर्शन 🤍🤍 — राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा [घंटा] राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा…