ये बात हर पति-पत्नी तक पहुँचना चाहिए
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
कि मेरे पति और मेरी भावनाएं एक दूसरे से इतनी जुड़ी हुई है कि मैं खुश होती हूं तो वह खुश हो जाते हैं। अगर मैं परेशान हुई तो उनकी मनस्थिति भी अत्यंत बेचैन हो जाती है। हां पहली बात तो आप दोनों को धन्यवाद देते हैं। आपकी बात सुनकर मेरा हृदय शीतल हुआ कि कम से कम इतना तो है ना कि हमने संसार को स्वीकार किया तो हमारा संसार सजा हुआ तो है ना। उजड़ा हुआ तो नहीं है ना। वो उजड़ा हुआ संसार है। पति किसी और की तरफ देख रहा है। पत्नी किसी और की तरफ देख रही। पति को अपने जीवन से संशय, पत्नी को अपने जीवन में संशय है।
अगर ऐसा ऐसा गृहस्थ है तो वो बड़ा निंदनीय गृहस्ती। धन्यवाद। पहली बात तो आपके इस पति प्रेम को और धन्यवाद उस पति को जो आपको प्रेम कर रहे हैं। ऐसा ही होना चाहिए। हम यही चाहेंगे। इसीलिए हम गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड के सिद्धांत को निंदनीय मानते हैं। क्योंकि जब हमारी अभ्यास वृत्ति चार पुरुषों से मिलने की हो जाएगी। चार लड़कियों से मिलने की हो जाएगी तो हमारा गृहस्थ धर्म नष्ट हो जाएगा। हम पति पत्नी प्रेम से नहीं रह पाएंगे। हमारी वृत्ति खराब हो जाएगी। व्यभिचार प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रहे हो और ये प्रवृत्ति आपको एक में टिकने देगी क्या?
नहीं टिकने दी तो आपका गृहस्थ धर्म नष्ट हो जाएगा। आपकी गृहस्ती बिखर जाएगी। कितना सुंदर गृहस्थ धर्म देखो कितनी सुंदर बात कही। अगर मैं मुस्कुरा देती तो मेरा पति मुस्कुरा देता है। वो आनंदित हो जाता है। ये बात होनी चाहिए। वो ड्यूटी से आ रहे हैं और आप मुस्कुराती हुई मिली। उनकी सारी थकान मिट गई। आपकी मुस्कुराहट से अब वो ड्यूटी से आ रहे हैं। आप प्रपंच कर रहे हो। सांसारिक गलत आचरण वो हृदय जल रहा है वो क्या गृहस्थ जिसका परिवार उसके अंडर में नहीं उसके प्रेम में नहीं पहली बात तो हम धन्यवाद देते हैं आप लोग ऐसे सुखी रहिए और खूब भजन कीजिए पत्नी पति को प्रेम करें पति पत्नी को प्रेम करें भगवान की आराधना करें यही तो हमारा गृहस्थ धर्म
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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