क्या आपने कभी सोचा, भगवान आपसे क्या चाहते हैं?
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
भगवान श्री कृष्ण देखो कितना प्रेम में बावरापन है। विदुर जी के घर गए सरकार विदुर जी थे विदुरानी जी थे आवाज लगाई विदुरानी कौन श्री कृष्ण ओ मेरे इष्ट पधारे बैठाला उनकी भाव दशा बदल मेरे प्रभु आए मेरे प्रभु आए मैं रात दिन जिनका चिंतन करती हूं जिनकी बात जो होती रहती हूं आज वो मेरे प्रभु और आंसुओं की धार चल रही प्रभु ने कहा ऐसे ही बैठी रहोगी या कुछ खवाओगी मुझे भूख लगी है ये वो प्रभु बोल रहे हैं जो अभी दुर्योधन से बोल के आ रहे हैं। दुर्योधन ने कहा चलो महल कुछ भोग राग हो जाए तो भगवान ने कहा दुर्योधन ये भोग राग दो स्थिति में होता है एक तो अभाव में और एक भाव में मेरे में अभाव नहीं तेरे में भाव नहीं मुझे भूख नहीं लगी मैं कोई भिक्षुक नहीं कि मैं भूखा तेरे पास जाऊं और तेरे में भाव नहीं या तू कोई प्रीति पर्व हो के पाता है या तू दरिद्रता पर्वश हो के पाता है ये दोनों भाव मेरे में नहीं और भगवान चले आए यहां आके बोल रहे हैं मुझे कुछ पवा भूख लगी है क्यों ऐसा भक्त अपने हाथ से पवा अब वो तो बावरी क्या केला रखे ला उठा के और पवा केला तो ले आई लेकिन दशा भी देह की नहीं है देह शुद्ध विस्मित दशा है तो केला ऐसे छिलती है गुदा फेंक देती है और छिलका भगवान भगवान छिलका आ क्यों भाव इतने में विदुर जी को पता लगा कि प्रभु आपके घर गए दुर्योधन के महल नहीं गए भागते हुए विदुर जी आए तो वहां दशा देखी कि उसकी जो गुदा है केले का वो तो बाहर पड़ा हुआ है प्रभु को छिलका पर बोले अरे बावरी ये क्या कर रही तू?
हाथ से छीला और छीला और भगवान ने कहा काका अब वो स्वाद नहीं आ रहा। अब वो स्वाद नहीं आ रहा। तो बात वस्तु की नहीं है। बात भाव की है। आप भाव में भरे हुए हैं। तन मन प्राण संत को समर्पित किए हुए जा रहे हैं। यही सबसे बड़ी बात है। यही सबसे बड़ी बात है।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
संबंधित
- जिससे प्रेम होता है, उसकी हर चीज़ प्यारी लगती है — जब हम किसी को अपना मानते हैं तो बार-बार उसकी चर्चा करने में, बार-बार उसकी चर्चा सुनने में और वह गली भी प्यारी लगती है जिसमें अपना प्यारा रहता है और उसके पड़ोसी भी प्यारे लगते…
- भगवान कब मिलते हैं? हर साधक को जानना चाहिए | Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj — एक बार नारद जी महाराज भ्रमण करते हुए जा रहे थे तो कुछ समीप पे एक बट वृक्ष के नीचे महात्मा भजन कर रहे थे एक पीपल के नीचे भजन कर रहे थे तो नारद जी को प्रणाम करके बट वृक्ष वाले…
- मौका बार-बार नहीं मिलता.. कहीं देर न हो जाए! — यह जितनी भी गंदी बातें हैं मदिरापान करना, मांस खाना, जुआ खेलना, व्यभचार करना यह सब महापाप है। बुद्धि को भ्रष्ट कराकर ऐसे जीव को नष्ट हो जाता। यह समझ में नहीं आता। मनुष्य शरीर…
- माँगी हुई हर चीज़ क्यों नहीं मिलती, क्या वजह है? — मां के पास गए हमें इतने रुपए दीजिए नहीं हमें चाहिए इतने नहीं देंगे नहीं देंगे नहीं देंगे तो बदमाश बर्बाद करेगा तो यह बात मां से ही हो सकती है दूसरे से नहीं हो सकती आप दूसरे से…
- 🤍🤍राधापिय जू के फूल बंगला में दर्शन 🤍🤍 — राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा [घंटा] राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा…
- कलियुग में ऐसा क्या खास है जो सतयुग में भी नहीं? — कलयुग पापों का विस्तार करेगा तो मुनियों ने विचार किया कि पापों से कैसे बचा जाए तो भगवान व्यास देव जी उस समय गंगा जी में स्नान कर रहे थे तो सबने सोचा चलो व्यास जी से चलकर के…