॥ श्री राधावल्लभो जयति ॥ श्री हित हरिवंश चन्द्रो जयति ॥
The Radhavallabh Times श्री हित समाचार भक्त चरित्र · युगल लीला · पद · वाणी · सत्संग
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Prem Ki Peer — pad 95

sphut-leela

sudhi aavat man manaibe ki |
chanchal drig thir kiye kishori, avni or chitaibe ki ||
kar dai Vimal kapolan pyari, bhrikuti kutila lachaibe ki |
kanj badan munde karunanidhi, sundar greev jhukbe ki ||
pari-pari paanv manavan hu ki, kar so theli hataibe ki |
bhori haunsan marat kishori, kahi ras bain hansaibe ki ||
सुधि आवत मान मनैबे की।
चंचल दृग थिर किये किशोरी, अवनी ओर चितैबे की॥
कर दै विमल कपोलन प्यारी, भृकुटी कुटिल लचैबे की।
कंज बदन मूंदे करुणानिधि, सुन्दर ग्रीव झुकबे की॥
परि-परि पाँव मनावन हू की, कर सों ठेलि हटैबे की।
भोरी हौंसन मरत किशोरी, कहि रस बैन हँसैबे की॥