हम शून्य और अंक है हरी !!!
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
बलवान घोड़े को जानते हो जब यह उसमें रक्षा में जो होता जाता है तो एक ऐसे लगाया जाता है वैसे देखिए ले सकता है क्योंकि यहां लगी है लगाम तो ऐसे कर नहीं सकता और इटली केवल देखा है ऐसे ही भगवान को भक्ति होता है भगवान इतने ही रखते बस मेरी तरफ क्या ऐसे नहीं देख सकता लगा लो करो सदा दिल के रखवा रही जिन बालक है अगर उससे पूछो आप हरि के दास हरि से पूछ लो हमने तो पता नहीं क्योंकि पता नहीं दशक तो है की नहीं तो हमारे हरि गुरु जान हम क्या कुछ नहीं सुनने अंक है हरि 10 गुना बढ़ता चला जाएगा उसे अंक का हम नहीं है अंक है हरि साधन में हम मैंने किया मैं करूंगा क्योंकि मुद्दा बनी रहती अहंकार भी मूड आत्मा करता है तो यह सब परीक्षाएं होती है बड़े-बड़े तपस्या तक यह अहंकार बना रहे और भक्ति में तो प्रारंभ से ही अहंकार का मर्दन है अहंकार का समर्थन है
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
संबंधित
- चंदन की तरह बनो, कुसंग का विष मत अपनाओ! — अगर तुम्हें सत्संग मिलता है तो कुसंग भी अपना प्रभाव दिखाने की कोशिश करेगा। आपकी निष्ठा, आपकी भावना इतनी सुरक्षित होनी चाहिए कि किसी का भी कुसंग का प्रभाव हमारे मन पर ना पड़े। जो…
- अन्न का ऐसा गहरा प्रभाव कि संत से भी हो गई चोरी! — एक परमहंस जी जंगल में रहते थे। राजा गए। बहुत दिन पीछे पड़े। निमंत्रण दिया चलो महाराज महल में गए। प्रसाद पाया। अब वो राज वैभव का प्रसाद जंगल में आए तो उनको गुलहरी पिपरी ये सब…
- जिससे प्रेम होता है, उसकी हर चीज़ प्यारी लगती है — जब हम किसी को अपना मानते हैं तो बार-बार उसकी चर्चा करने में, बार-बार उसकी चर्चा सुनने में और वह गली भी प्यारी लगती है जिसमें अपना प्यारा रहता है और उसके पड़ोसी भी प्यारे लगते…
- भगवान कब मिलते हैं? हर साधक को जानना चाहिए | Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj — एक बार नारद जी महाराज भ्रमण करते हुए जा रहे थे तो कुछ समीप पे एक बट वृक्ष के नीचे महात्मा भजन कर रहे थे एक पीपल के नीचे भजन कर रहे थे तो नारद जी को प्रणाम करके बट वृक्ष वाले…
- मौका बार-बार नहीं मिलता.. कहीं देर न हो जाए! — यह जितनी भी गंदी बातें हैं मदिरापान करना, मांस खाना, जुआ खेलना, व्यभचार करना यह सब महापाप है। बुद्धि को भ्रष्ट कराकर ऐसे जीव को नष्ट हो जाता। यह समझ में नहीं आता। मनुष्य शरीर…
- माँगी हुई हर चीज़ क्यों नहीं मिलती, क्या वजह है? — मां के पास गए हमें इतने रुपए दीजिए नहीं हमें चाहिए इतने नहीं देंगे नहीं देंगे नहीं देंगे तो बदमाश बर्बाद करेगा तो यह बात मां से ही हो सकती है दूसरे से नहीं हो सकती आप दूसरे से…