Bank Balance भी है, पर माया ने कैसा जाल बिछाया !
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
कितने कप युग विधि तो हो गए देखो कैसी सोच है बच्चा अपन खेलने में गया जवानी हुई ऐसा लगता है जीवन का परम लाभ है ब्याह ही हुआ घर गृहस्ती भोगी बच्चे हुए उनकी पढ़ाई लिखी बाया मृत्यु ए गई हाथ कुछ नहीं लगा जी खोज के लिए आए थे उसको हम भूल गए माया ने कैसा दाल फैलाया हमें लगा अब यही सत्य है बोले अब सब कुछ हो गया ब्याह भी बच्चों को हो गया अब सब कम हो गए बैंक बैलेंस भी है अब तो लेकिन जी कार्य के लिए थे वह तो शुरुआत भी नहीं की फिर मारे फिर वही जन्म फिर वही बात सुनो कब से शुरू है तो हमारा लक्ष्य क्या है भागवत प्रताप प्रभु में तन्मय हो जाना शरीर का राज भोगो का राज छठ जाना ये लक्ष्य नहीं बना रहे भटकती चले जा रहे कोई भाग्यशाली सत्संग के प्रभाव से अपने लक्ष्य को दृढ़ कर पता है
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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