उतना ही कर पाओगे जितना विधान होगा !!!
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
जो संसार को मिटाना चाहते हैं वो लोग मित देना संसार को कहां मित पाते हैं आतंकवाद है या अन्य जो ऐसे समुदाय हैं की लोगों को वो कहां मित पाते हैं उतना ही कर पाते हैं जिनका प्रारब्ध नष्ट होने का इस सहयोग से नष्ट हो जाते हैं वो इसके आगे में ईश्वर प्रशासन के ये तो खजाना एक दूसरे को का जाए नष्ट कर दें उतने जिसका प्रारब्ध है देखो हजारों हिरण घूम रहा है लेकिन जी हिरण का भजन निश्चित हो गया है शेर को उसकी दृष्टि इस पर जाएगी और वो हजारों को छोड़ के इस के पीछे बैठेगा केवल इस का दूसरे को कछ भी नहीं मार सकता ऐसा विधान ईश्वर का सब कुछ है हमको चाहिए की हम उसके विधान में राजी रहेंगे गुस्सा ना करें मालवा आपको कोई ऐसा प्रावधान है तो विकेट के बाहर निकलते ही आपको कोई धक्का दे दे कोई गली तो आपसे सा हो वृंदावन आए हैं कोई पाप था बिहार जी उसे नष्ट करने के लिए धक्का लगता दिया आपकी जब कैट ले बहुत बड़ी धनु की हनी हनी थी 10 ₹5000 चलेंगे कोई बात वो देने वाला कोई और है
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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