बस इस एक चीज़ को हटा दो तो सारे कष्टों से बच जाओगे !!
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
हम अपने कार्य में जब विफल हो जाते हैं तो हमारी स्थिति बहुत नाजुक हो जाती है हम डिप्रेशन में पहुंचने की स्थिति में पहुंच जाते हैं या आखिरी निर्णय कर लेते हैं कि अब शरीर को ही रखना क्या नहीं नहीं ऐसा हमारा मानव देह इसके लिए नहीं मिला है तू फल की बिल्कुल इच्छा मत कर और अपने कर्तव्य कर्म को कर तो फल तो मिलेगा ही मिलेगा लेकिन तू परेशान नहीं होगा मानो अगर फल में बाधा पहुंच गई अभी तो हमारा सत्कर्म है हम अच्छे कर्म कर्तव्य कर्म कर रहे हैं व भगवान को समर्पित कर रहे हैं तो आज नहीं लेकिन इसका परिणाम कल या परसों जो आएगा बहुत जोर का आएगा मंगलमय आएगा अगर हम केवल फल परीक्षित हैं तो अब हमको यह दिखाई दे रहा है कि परिणाम तो आया नहीं अब हमारी अ श्रद्धा भगवान पे हो सकती है हमारी चिंता शोक का कारण बन सकता है कर्तव्य का फल ना ना मिलेगा पक्का मिलेगा वो पर तुम्हारी इच्छा होने के कारण तुम तत्काल दुखी या सुखी हो सकते हो मिला तो फूल गए यह भी दोष है हर्षित हुए तो शकित होना पड़ेगा अगर हर्षित नहीं हुए तो शोख होगा
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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