Pregnancy के समय आपको आपकी यह चूक बहुत भारी पढ़ सकती है !!
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
अगर आप दो वर्ष ब्रह्मचर्य रहो नाम जप करो और फिर संतान की भावना और संतान उत्पत्ति करने की क्रिया के पहले भगवान को प्रणाम समस्त देवताओं को प्रणाम और शास्त्री पद्धति अमुक तिथि अमुक समय अमुक ऐसा और फिर संयोग किया जाए तो वो जो पुत्र हो दो वर्ष मात्र ब्रह्मचर्य फर यहां तो गर्भ अस्त शिशु हो जाने पर भी ब्रह्मचर्य नहीं रहते तो इसीलिए वो आचरण विहीन संताने होती है इसका बड़ा प्रयोग का जो शास्त्रीय पद्धतियां है इनका बड़ा बल है अब जैसे गंदे आचरण गंदा पे पदार्थ
पे गंदी भावनाए तो वैसे संताने होते हैं अगर वास्तविक अपने जीवन में अपनी संतान की उन्नति चाहे तो कुछ समय तक ब्रह्मचर्य रह कर के तब ऐसा और जब गर्भ में बालक आ जाए ये पता चल जाए गर्भ तो कभी संयोग ना करें फिर भगवन नाम कीर्तन खानपान साथ उस बालक में गर्भस्थ शिशु में भक्ति के परमाणु आ जाएंगे और वो चाहे राष्ट्र भक्त बने चाहे भगवत भक्त बने वो नाम रोशन करेगा अब आजकल वासनाओं से सब खेल हो रहे हैं तो इसीलिए संतानों में वो ओज तेज वो संयम नहीं पाया जाता ब्रह्मचर्य बहुत बड़ी तपस्या है बहुत बड़ा जीवन है
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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