जब बरसाना, नंदगांव और वृंदावन के ब्रजवासियों में हुई प्रेममई लड़ाई !
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
आओ बरसाने वारी की जय वो नंद के लाला की जय और स्वस्थ कैसा बाबा आपका बस आप सबकी कृपा से चल रहा है चरण कृपा से चल रहा है अरे नंदलाला की पूरी कृपा तो बाबा पूरा ब्रज आया तेरे पास नंद गाम ते बरसाने ते वृंदावन ते पूरा ब्रज तेरे पास है बाबा अब बताओ बाबा ह बात भार य बात चल रही कि बाबा पहले कहां जावे हो बरसाने जावे नंदम जावे बाबा तुम ही बता दो पहले कहां जाएंगे बरसा जाएंगे बसा बाबा है बाबा बरसाने ब माने बसवान के जमाई कीरे हम ना बोले हम ना बोले जय हम तो राधा
रानी की जय बोलेन में तो बमान को जमा कैसे बोलेंगे क्यों बाबा देख हम विनोद में तो दोनों को ऐसे कह सकते हैं लेकिन जब हम भाव में देखते हैं तो हमारी आंखें दो हैं लेकिन दृष्टि एक है अब हमारी ये प्यारी आंख है कि ये प्यारी आंख है ननों के तारे दोनों नैनों के तारे हैं कहने को दो हैं अगर हम राधा किशोरी की जय बोलते हैं तो श्याम सुंदर मुस्कुराते हैं और जब हम श्याम सुंदर की जय बोलते हैं तो लाडली जो मुस्कुराती है और हम राधे श्याम की जय बोलते तो दोनों मुस्कुराते
हैं पर हमारी दृष्टि एक है ऐसे हमारे प्रिया प्रीतम एक है इतना भी अलग लेने की जय
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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