जब कोई आपका विरोध करे तो क्या करें?
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
के जीवन का कोई अनुभव आपसे कोई बहुत विरोध करता हो या द्वेष भाव रखता हो और बाद में आपका हां पास में एक संत रहते थे तो जैसे कुछ लोग आए आते ही थे तो दो लोग चार लोग आए तो जब आते थे तो सेव है संतरा है यह वस्तु और उनका सामने कुटिया थी तो जब देखते तो उनके हृदय में जलन होती थी ईर्ष्या होती थी कि मेरे पास लोग आते नहीं तो हम रोज उनको प्रणाम करते और जो वस्तु हमारे पास पहले उनके पास भेजवा लोगों के चले जाने के बाद अच्छी अच्छी वस्तु उनके पास तो काफी दिन तक उनका
द्वेष बढ़ता रहा और जब हमारा रोज प्रणाम और कोई द्वेष नहीं तो इतनी मित्रता व करने लगे मतलब इतना दैन्य होकर मिलने लगे कि जैसे एक बहुत पुराना मित्र मिलता है महाराज परसे धरे तो य साधन और नाम जप से ही मिलता है हा हमें दूसरों के सुख की तरफ देखना है जो हमारा विरोध कर रहे हैं उनके सुख की तरफ देखना है जो हमारा विरोध कर हमारी निंदा कर रहे उनकी निंदा नहीं करनी हमें उन पर विचार करना व ऐसा क्यों बोल रहे हैं अगर मेरे में कमी है और व हम सुधार करू और उनकी निंदा बंद हो जाए तो हमें करना चाहिए अगर मेरे में कमी नहीं है और निंदा कर रहे हैं तो फिर भगवान जाने फिर हम उनका विरोध तब भी नहीं करेंगे पर कभी तो सह लेते तो कभी सह नहीं पाते तो मतलब कैसे रेगुलर करसे आप नाम जप नामनाम जप और सबसे बड़ी बात है कि हमें यह पता है कि मेरे भगवान मेरे साथ है अगर मुझे थप्पड़ मारेगा कोई तो मेरे भगवान के आदेश से मारेगा अगर भगवान के आदेश से मारता तो मुझे सर झु
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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