घर में Aquarium में मछलियाँ एक-एक करके मर गईं। तो क्या मुझे पाप लगेगा?
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
महाराज जी आप कह रहे हैं कि आपने एक इंक्वायरियम लगाया था घर में जैसे शीशे का होता है जिसमें मछली आदि रंग बिरंगी मछली जो दृश्य के लिए तो उसमें कह रहे हैं कि वो हम उनको खाना भी समय पर डालते थे जैसा जो भी सब ध्यान रखते थे बट एक-एक करके सारी मछली मर गई महाराज जी इसलिए कह रहे हैं कि वो अभी उनका पाप मुझे लगेगा क्या नहीं अब एक तो होता है आयु पूरा होना जैसे उसकी आयु पूरा है तो आप अमृत में रखो तो भी मर जाएगी और एक होता है हमसे त्रुटि हो जाना जैसेकि वो आपका पर्सनल इंतजाम है ना वो कोई समुद्र तो है नहीं कि भागवती इंतजाम है वो आपका पर्सनल इंतजाम है उस मछली के लिए अगर आपके द्वारा उसमें कोई कमी नहीं हमें तो इसका ज्ञान है नहीं मान लो उनको जो खुराक चाहिए उनको जो ऑक्सीजन चाहिए उनको जो जीने के लिए चाहिए वो आप व्यवस्था कर रहे हो इसके बाद एक एक मरती जा रही है तो अगर उनकी आयु पूरी हो गई तो कोई बचा नहीं सकता आपके द्वारा वो उनका आहार विहार है और उसमें त्रुटि हो गई तो बात अलग है।
अब हमें तो पता नहीं है कि ना उसमें क्या-क्या चाहिए। हां उनको जीवन जीने के लिए क्या-क्या व्यवस्था चाहिए। अगर वो व्यवस्था आप कर रहे हैं और फिर भी मर गई है तो एक आयु भी तो है ना समाप्त होने की। तुम्हें मछली के मरने पर शोक है और लोग मछली तो काट के खाते हैं। ये तो बड़ा अच्छा हृदय है आपका कि आप उसके विषय में भी शोकित हैं। हां जी। जैसे ना चार ही रह गई तो मतलब मन है और जैसे पहले ज्यादा थी मतलब 15 16 थी तो अब दोबारा लाई जाए या मन नहीं कर रहा कुछ मत लाओ यार काहे का हां बतलाओ अपने सो के लिए कोई त्रुटि हो जाए जीव काहे को मरे पर बहुत बढ़िया हृदय यार सब जीवों से प्यार हो सब जीवों का दुलार हो सब जीवों को जीने की प्रकृति में हां छूट है लेकिन जिनको अपनी जबान की चाट और अपने शरीर की पुष्टता का भाव है वो लोग ऐसा करते हैं।
आप शोकित ना होइएगा।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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