जब महाराज जी की कुंडली जाग्रत हुई तब क्या हुआ?
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
महाराज जी आपने पूर्व में योग साधन ये सारे किए हैं महाराज जी महाराज जी कुंडली जब जागृत होती है तो कैसा है? अरे आकाश पाताल एक हो जाता है। मतलब पूरे इस पूरे शरीर की नस नाड़ियां झंझकृत हो जाती हैं। मतलब जब उत्थान करती है तो एक एक पीता शरीर उठ जाता है। आसन से पद्मासन लगाए बैठे हैं। आसन से उठ जाता है। पूरे शरीर की छन मतलब आपको देख के लगेगा इनको प्रेत आ गया है क्या? आग पैदा हो जाती है। आग पैदा हो जाती है। और क्या जब भगवान में चित्त जोड़ दे तो परमार्थ की हर स्थितियां जागृत हो जाती है।
भगवान कहते हैं जो निरंतर मेरा भजन करता है उसकी बुद्धि को योग मैं प्रदान करता हूं। तो सब जागृत हो जाती है। कुलनी टचक्र भेदन स्थूल सूक्ष्म कारण सबका ज्ञान तत्व बोध सब हो जाता है। भगवान का भक्त कोई अज्ञानी थोड़ी होता
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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