माता अम्बा की कठिन तपस्या और सप्तऋषियों की परीक्षा : जानिए उनका अद्भुत उत्तर !
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
देखा मानो मूर्तिमान तपस्या बैठे हु ऐसे भगवान शिव के ध्यान में मगन अंबा ऋषि जन गए तो सोचा माता जी आंख कैसे खोलेगी नमः पार्वती पते हर हर हर महादेव इतनी कठोर तपस्या तो भूतो न भविष्यति पर आप चाहती क्या है मुस्कुरा दिया मा पर्वत से प्रकट हूं हसोगे पक्का हसो मेरे भरतार मेरे पति भगवान शिव हो मानो मैं बिना पंखों के आकाश में उड़ना चाहती हू मेरी सामर्थ्य तो ऐसी नहीं पर मेरी चाह है मेरा हट है कि मैं भगवान शिव को अपने पति के रूप में प्राप्त करना मेरी तो मैं करोड़ जन्म की बात कहती हू हर बार जन्म लूंगी और तपस्या करूंगी और पति रूप में भगवान देवाधिदेव महादेव को प्राप्त करूंगी आप और भगवान शिव अलग नहीं है आप दोनों जगत के माता-पिता हैं साष्टांग दंडवत सपत ऋषि सर झुकाया और जय जयकार करके पुलकित हो कर के चले गए
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Shri Hit Radha Kripa (YouTube)
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