जब साधना में नहीं लग रहा मन, अपनाओ त्राटक और प्राणायाम !
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
त्राटक क्रिया किसी एक बिंदु पर नेत्रों को ऐसे करके और उस पर वह नाम लिख लिया मानस से और उसी पर बस ऐसे अब बार-बार नाम चल रहा है हम एकाग्र हो गए। इसे त्राटक किया योग में कहते हैं। आंखों में जब जलन होने लगे फिर आंखें शांत करके ऐसे मूंद लो। आंसू निकलने लगेंगे। वो भाव के नहीं वो प्रक्रिया के। फिर खोल लो ऐसे। फिर नाम चलाओ ऐसे और श्वास की गति लंबी खींचे लंबा श्वास जाए मतलब 10 20 नाम बार-बार नाम चल रहा इससे एकाग्रता संचित होगी। एकाग्रता संचित होगी तो हम फिर 24 घंटे उसका प्रयोग कर सकते हैं।
और जब आप साधन पर बैठे तो 10 बार कम से कम अगर आप कर सके रोकना नहीं है। बाएं से खींचे भरपूर दाएं से निकाल दें। दाएं से खींचे, बाएं से निकाल दें। आप एक महीना ये करके देखिएगा। इससे 10 बार ऐसे करेंगे और एकाग्रता ये करेंगे और नाम लिखने की प्रक्रिया करेंगे। आप एक महीना ये करिएगा। फिर आप बताइएगा कि आपको कैसा लगता
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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