चाहे कैसी भी परिस्थिति हो , उसी में जीना सीखो !!
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
मुरारी शरण जी आए और कहा डॉक्टर ने आदेश किया है कि अल्ट्रासाउंड कराकर उनको रिपोर्ट देनी है तो आज कुछ खाना नहीं उनको कुछ खाने के जरूरत तीन दिन हो गए कुछ खाया नहीं चाहे जब अल्ट्रा साउंड करा द वहां गए तो डॉक्टर ने कहा केवल पानी से रहते हो क्या कुछ है नहीं पेट में अभ्यास और कभी उदास नहीं कभी किसी को समने नहीं दिया चाहे जितनी पीड़ा हो चाहे जितना कष्ट हो अपनी दिनचर्या पे माधु कररी बरती थी बाहर से ताला लगवा देते कुटिया में छोटी कुटिया थी जल और लघु शंका का पात्र ये सब व्यवस्था करके रात्रि में शौच के लिए निकलना तीन-तीन चार-चार दिन ताला लगा हुआ किसी से कोई मतलब नहीं ना मांगने जाना ना खाने जाना रात्रि में इतनी मिश्री का भोग लगा के श्री जी को शहर करा ये गुरु कृपा रही है और ये साधक का एक दृढ़ नियम होना चाहिए अगर हम घसीट सकते हैं तो घसीटते हुए दिनचर्या करेंगे बहुत हिलाई नहीं रखनी चाहिए अपने जीवन में हर स्थिति में एक जुझारू स्वभाव होना चाहिए अय चार दिन की जिंदगी है मर जाओगे
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Shri Hit Radha Kripa (YouTube)
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