क्या शिव मंत्र वाला कुर्ता पहनना ठीक है? महाराज जी की चेतावनी !
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
और पहली हमारी प्रार्थना है कि यह जो वस्त्र पहने हो अब यह वस्त्र मत पहनना क्योंकि इसमें मंत्र लिखा हुआ है। ये कलयुगी लोग ऐसा शुरू कर दिए हैं। यह निषिद्ध है। जैसे इसमें जो मंत्र लिखा हुआ है ना यह वैदिक मंत्र है। यह हृदय में लिखा होना चाहिए। कपड़े में नहीं। और ये बाहर उच्चारण नहीं किया जाता। यह गुरु से लेकर अंदर ही अंदर जपा जाता है। जो आज लोग कीर्तन करते हैं। द्वादशाक्षर मंत्र, पंचाक्षरी मंत्र यह अमंगलकारी है। भगवान के नाम का कीर्तन मंगलकारी है। मंत्र उपांशु या मानसिक जपा जाता है।
वाचिक भी नहीं। ये कीर्तन की क्या बात है? पर अज्ञान की वृद्धि हो रही। कलयुग का प्रभाव बढ़ रहा है तो गायत्री मंत्र, शिव मंत्र, वासुदेव मंत्र इन सब का कीर्तन किया जाता है। यह बुद्धि भ्रष्ट करने वाला कार्य है। ये समझते हैं अच्छा होता है। नहीं महाराज जी हमारे यहां एक मंदिर है उसमें 24 घंटे मंत्र होता है। उससे वो लगे होते हैं ना वो वो ये सब नहीं। और वो सबको बुला के पूरे गांव में मतलब सब जाते हैं वहां करने के लिए। तो एक एक घंटे के लिए ड्यूटी नहीं नहीं बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
बिल्कुल मंत्र नहीं करना चाहिए। यह सब अमंगलकारी है। मंगल नहीं हो सकता। यह अमंगलकारी है। यह मंगलकारी नहीं है। इसको उतार करके यमुना जी में प्रवाहित कर देना। नहीं ले लेना।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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