गौ सेवा के विषय में पूज्य महाराज जी ने देवी चित्रलेखा जी को क्या कहा?
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
राधे राधे महाराज राधे राधे राधे एक अपना ब्रज में गौ माता का अस्पताल है बहुत सुंदर बहुत हॉस्पिटल है महाराज जी जहां जो गौ माताओं का उपचार वगैरह बहुत उत्तम बात है जैसे जिन गौओं की सेवा नहीं होती या जो गौएं असमर्थ हैं रोगी हैं उनके दुख निवारण की बहुत बड़ी बात है और परमार्थ करो जितना आवे अपने पर कम खर्चा करके परमार्थ पर खर्चा करो जीवन का लाभ जो दूसरों का हित करता है। भगवान उससे बहुत प्रसन्न होते हैं। ब्रज में जन्म लेने के बाद भी ऐसी सेवा दी है कि ब्रजवास नहीं होता।
हां देखो कि हम जाकर के समाज के सोए हुए लोगों को जगाकर नाम रूप लीला धाम में लगाएं तो हमें इस बात की पश्चाताप नहीं होना चाहिए कि हमें धाम वास नहीं मिल रहा। बहुत से सोए हुए लोग हैं जिनको घसीट के भागवताचार्य वृंदावन लाए। जिनको घसीट कर रासाचार्य वृंदावन लाए। रास आदि के द्वारा हम ही जो आए हैं ना तो रास के द्वारा ही तो आए। अगर रास ना देखी होती तो हमारे अंदर लोलुपता ही ना बढ़ती। प्रिया प्रीतम की जो आसक्ति बढ़ी वो रास से ही बड़ी तो हम भगवान का जस गा रहे हैं और भगवान के पार्षद हैं।
हमारा चाहे जहां शरीर छूटे हम धाम में ही जाएंगे। यदि आप धाम उपासना आश्रय लिए हो तो आप अमेरिका में रहो तो भी आपको जब शरीर छूटेगा तो आप वृंदावन ही आओगे। जैसे भारतीय सैनिक कहीं भी शरीर छूटे तिरंगा में लपेट के भारत ही आएगा। ऐसे ही धाम का जीव कहीं भी शरीर छोड़े वो धाम ही आएगा।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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