यदि कोई चरण स्पर्श या प्रणाम करे, तो क्या पुण्य घटता है?
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
महाराज जी, क्या किसी के हमारे पैर छूने से हमारा पुण्य नष्ट होता है क्या? यदि आप पैर छुवाते हो, तो हमारी छुआने की इच्छा नहीं है। हां हम छू लेते हैं। कोई फर्क नहीं पड़ेगा। यदि हम खुशी होते हैं। हम छुआना चाहते हैं तो भजन नष्ट होगा। फिर पुण्य नष्ट होगा। यदि हम छुआना नहीं चाहते हैं। हमारी इच्छा नहीं है और वो जो हमारे पैर छूने आ रहा उसके पहले हमने प्रणाम कर लिया। हमारी इच्छा भी नहीं है तो पैर छू भी ले तो पुण्य नष्ट नहीं होगा। तो पैर छूना प्रणाम करना एक ही बात है।
लाखों लोग प्रणाम करते हैं। तो उन लाखों लोगों में अपने भगवान को देखकर प्रणाम करते हैं कि मेरे भगवान ही इन सब रूपों में कोई पुण्य नष्ट नहीं होगा। और जब ये कि मैं इन सबसे श्रेष्ठ हूं तो फिर भजनशील हो जाएगा। सोच है। अगर सोच बदल गई तो फिर आपका पुण्य नष्ट हो जाएगा। और सोच सही रही तो पुण्य नष्ट नहीं होगा। सब में भगवान है। ये उसकी श्रद्धा है कि वो आपके पैर छू रहा है। लेकिन आप इस योग्य नहीं है। आपको ये अंदर से होना चाहिए। मैं इस योग्य नहीं हूं। मेरे प्रभु ही सब में विराजमान वह झुका उसके पहले हमने प्रणाम कर लिया बात बन गई।
वैसे नहीं छुना चाहिए। कोशिश करना चाहिए कि अपने कोई पैर ना छुए और जब कोई जबरदस्ती कर ले उसमें भगवत भावना करके उसको प्रणाम कर लेना चाहिए।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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