कौन क्या कहता है, इसमें मत उलझो!
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
यह संसार किसी को भी एक तरफ से नहीं चलने देता। इसका नाम दुनिया है। यह दोनों ही बात बोलता है। एक अच्छा कहेगा दूसरा बुरा कहेगा। अब किसकी बात माने हम? हमको चाहिए हमें अपनी मस्ती में रहना चाहिए। ए दुनिया है। अपनी मस्ती में चलो। गलत करो मत। किसी का हित करो मत। अपने को कोई अच्छा बुरा बोले बोलने दो। वो उसकी मति है। मौज में रहो। थोड़े दिन का जीवन है। मस्त रहो यार। कौन क्या कहता है इस बात पे नहीं। भगवान का चिंतन करो। अच्छे कर्म करो। परोपकार करो और छोड़ दो। जो मनावे संसार तुम्हें भला कहे या बुरा कहे उसकी मस्ती है।
हम अपनी मस्ती में मर सफाई भी नहीं देनी चाहिए। हम अपनी सफाई देने लग जाते हैं। फिर परेशान हो जाएंगे। फिर परेशान हो जाएंगे। संसार चलने ही नहीं देगा। यदि इसके अनुसार चलो तो। अब वह अगर गलत आचरणों में जाता है तो निंदा होती है अच्छे आचरण करते हैं तो उपहास करते हैं कि बड़े भगत बने तिलक लगाते हैं कंठी माला पहनते नाम जपने अब तो भाई बड़े भगत है उसका ऐसा उपहास करते बेचारा भजन करने में भी शर्मा जाए तो हमें संसार की बात नहीं देखनी हमें अपनी मस्ती में चलना
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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