अगर संसार में नकली है… तो कहीं असली भी ज़रूर होगा
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
संत महात्माओं के प्रति पहले तो अश्रद्धा प्रकट कर दी गई है समाज में। कुछ फिल्में कुछ सीरियल ऐसे बना दिए गए। दूसरी बात कुछ ऐसी गंदी बातें हो गई जिससे संतों के प्रति अश्रद्धा हो गई। नौजवान लोग वही बातें देखते हैं। यदि संतो की वाणी पर विश्वास हो जाए तो हमारा समाज सुधर जाए। यदि संतों पर श्रद्धा हो जाए तो हमारा समाज सुधर जाए। एक प्रार्थना जरूर हम करेंगे कि अगर नकली नोट है तो असली नोट उसका होता है। असली वर्जन होता है उसका। तो अगर कोई पाखंड करता है तो कोई सच्चा भी होगा।
भगवान से प्रार्थना करो कि सच्चे संतों का संग मिले तो निश्चित जीवन का परिवर्तन हो जाएगा। निश्चित परिवर्तन हो जाएगा। बिना सत्संग के परिवर्तन नहीं होगा। अपने पास तो ऐसे ऐसे मरीज आए हैं कि उन्होंने कहा कि मैंने शराब नशा ये छोड़ने के लिए कई बार नशा मुक्ति केंद्र में हम भर्ती हुए। लेकिन फिर भी नहीं छोड़ पाए। और जब से आपका सत्संग सुना तो 40 साल का शराबी मैं आज जीवन के लिए छोड़ चुका हूं। तब आपके पास आया हूं। तो सत्संग जो काम करेगा वो कोई औषधि काम नहीं कर सकती।
यदि ईमानदारी से साधु का संग किया जाए और थोड़ी देर सत्संग सुना जाए तो हमारे जीवन का परिवर्तन निश्चित हो जाएगा।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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