शिष्य बोला: मुझे नाम जप से कुछ फायदा नहीं हुआ!
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
एक दिन एक महात्मा से एक शिष्य ने प्रश्न किया आपसे 18 वर्ष हो गए दीक्षा लिए मुझे कोई लाभ नहीं मिला भरी सभा में उनका जपते हो जो मंत्र दिया था बोले हां जपता हूं क्या कहा राम राम राम जो आपने बताया था बोले ऐसा करो 24 घंटे के लिए तुम्हें हमारी कसम है 18 वर्ष से जिसने तुम्हें लाभ नहीं दिया अब इस नाम को 24 घंटे मत जपना कल आना तुम्हें ऐसा मंत्र देंगे जो बहुत जल्दी लाभ देगा गुरु मानते हो बोले हां बोले हमारी कसम है 24 घंटे एक बार भी नहीं जमता और वो 18 वर्ष का अभ्यास जो मुड़े श्री राम वो रो पड़े चिल्ला पड़े बोले गुरुदेव आपकी कसम कसम मत दो मैं अब इसके बिना रह नहीं सकता बोले ये मिला 18 वर्ष तुझे ये 18 वर्ष में मिला कि अब तू राम राम कहे बिना रह नहीं सकता ये सबसे बड़ी सिद्धि है क्या समझता है और भगवन नाम में प्रीति हो गई तू मेरी कसम को भी तोड़कर के नाम जपने में उतारू हो गया इसका मतलब नाम तेरे जिभ्या पर विराजमान हो गया।
अब तुझे परम पद मिलेगा। अब तुझे सुख मिलेगा।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
संबंधित
- चंदन की तरह बनो, कुसंग का विष मत अपनाओ! — अगर तुम्हें सत्संग मिलता है तो कुसंग भी अपना प्रभाव दिखाने की कोशिश करेगा। आपकी निष्ठा, आपकी भावना इतनी सुरक्षित होनी चाहिए कि किसी का भी कुसंग का प्रभाव हमारे मन पर ना पड़े। जो…
- अन्न का ऐसा गहरा प्रभाव कि संत से भी हो गई चोरी! — एक परमहंस जी जंगल में रहते थे। राजा गए। बहुत दिन पीछे पड़े। निमंत्रण दिया चलो महाराज महल में गए। प्रसाद पाया। अब वो राज वैभव का प्रसाद जंगल में आए तो उनको गुलहरी पिपरी ये सब…
- जिससे प्रेम होता है, उसकी हर चीज़ प्यारी लगती है — जब हम किसी को अपना मानते हैं तो बार-बार उसकी चर्चा करने में, बार-बार उसकी चर्चा सुनने में और वह गली भी प्यारी लगती है जिसमें अपना प्यारा रहता है और उसके पड़ोसी भी प्यारे लगते…
- भगवान कब मिलते हैं? हर साधक को जानना चाहिए | Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj — एक बार नारद जी महाराज भ्रमण करते हुए जा रहे थे तो कुछ समीप पे एक बट वृक्ष के नीचे महात्मा भजन कर रहे थे एक पीपल के नीचे भजन कर रहे थे तो नारद जी को प्रणाम करके बट वृक्ष वाले…
- मौका बार-बार नहीं मिलता.. कहीं देर न हो जाए! — यह जितनी भी गंदी बातें हैं मदिरापान करना, मांस खाना, जुआ खेलना, व्यभचार करना यह सब महापाप है। बुद्धि को भ्रष्ट कराकर ऐसे जीव को नष्ट हो जाता। यह समझ में नहीं आता। मनुष्य शरीर…
- माँगी हुई हर चीज़ क्यों नहीं मिलती, क्या वजह है? — मां के पास गए हमें इतने रुपए दीजिए नहीं हमें चाहिए इतने नहीं देंगे नहीं देंगे नहीं देंगे तो बदमाश बर्बाद करेगा तो यह बात मां से ही हो सकती है दूसरे से नहीं हो सकती आप दूसरे से…