कौन सच में गंगा में नहाया? भगवान ने खोला रहस्य!
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
हरिद्वार में सब गंगा जी नहा रहे पार्वती जी ने कहा प्रभु कितने पुण्य आत्मा सब गंगा नहा रहे बोले सब गंगा नहीं नहा रहे पानी में डुबकी लगा रहे कोई बिरला एक गंगा ना स्नान करे उनका अब रास नहीं समझी प्रभु तब नहा तो रहे हैं और आप कह रहे हो पानी में नहा रहे हम बताते वृद्ध का रूप रखा फिसलन का वो दृश्य दिखाया और गड्ढे में गिर गए कीचड़ और पार्वती के पास बोले तुम ये सबसे कहो कि हमारे पति को सहयोग करके निकलवा दो जब निकालने के लिए आवे तो उसे कह दो निष्पाप हो तो छूना नहीं भस्म हो जाओ अब जो निकले बोले भैया हमारे पति को थोड़ा निकलवा दो तो कोई तो मजाक कर देता है कोई कुछ और कोई कोई ये सोचता धर्मात्मा पुरुष यार निष्पाप हो तो छुए नहीं तो भस्म हो जाएगा पाप तो बहुत छुए काहे को हम पति की भस्म हो जाए एक देहातीती आदमी गंगा स्नान कर हर हर गंगे हर हर गंगे बाहर निकला बोले भैया हमारे पति को निकाल दे बोले भैया भी बहन निकालते लोटा रखा बोले रुको अगर निष्पाप हो तो हमारे हमारे पति को छू नहीं तो पास हो जाओगे।
कहा मैया अभी तेरे समझ में नहीं आई कि मैं गंगा स्नान करके आ रहा हूं।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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