गिरिराज गोवर्धन शिला को ब्रज के बाहर क्यों नहीं लेकर जाना चाहिये ?
श्री धाम वृन्दावन पर पूज्य महाराज जी के वचन — ऊपर वीडियो में सुनें।
पूरा प्रवचन
शब्द-शब्द यादव चैतन्य जी वृंदावन से ए परम पूज्य महाराज जी के चरणो में कोटि-कोटि प्रणाम महाराज श्री गोवर्धन चिला को ब्रज मंडल के बाहर क्यों नहीं ले जाना चाहिए अगर कोई अपने घर पर गोवर्धन चिला जी की पूजा करना चाहता है तो उसे शायद है पुलिस जी महाराज गिरिराज जी महाराज जी को द्रोणगिरी से उठाया विराजमान हो जाए है तो गिरीराज जी महाराज को बहुत दुख हुआ कि पुलिस जी काशी ले जाना चाहते थे गिरिराज गोवर्धन को द्रोणगिरी से और द्रोण के हृदय में भी दुख था कि हमारे
पुत्र को ऐसा महात्मा ले जा रहा है अगर ना कहते हैं तो साथ दे रहा है है तो गिरिराज जी महाराज ने हृदय में दृढ़ निश्चय किया कि मेरा तो अवतार ही हुआ है ब्रज मंडल में वास करने के लिए और प्रभु श्री कृष्ण के सखा व उनके परिवार को आल्हादित देने के लिए उस शरणागत जनों को सुख प्रदान करने के लिए यह महात्मा अपने तपोबल से मुझे ले जाएगा उचित नहीं है का विचार करके पुलिस जिससे कहा कि मैं चलने के लिए आपके साथ तैयार हूं लेकिन जहां मुझे रख देंगे वहां से ढूंढ जितना आप अपने तपोबल लगा लेना विचार रखे कि आफिस तक राष्ट्रपति है और तब के निधि है पुलिस जी महाराज ऐसे देखे गिर्राज महाराज को ले लिया जो भगवान में अपने मन को डूबे हुए क्या नहीं हो सकता चुल्लू में पी गए अगस्त से समुद्र को से कोई मतलब आरा समुद्र के लिए समुद्र अपने चित्रों को जोड़ सिद्धू जी ने अपने स्वास्थ्य लोक अनंत ब्रह्मांड के समस्त जिलों के स्वास्थ्य में सुधार कर सकते सब्सक्राइब विराजमान होंगे ही ब्रजमंडल में जहां विराजमान है इतनी जोर की मांग की कि छूट
जाएगी मैं इतना लघु शंका का वेग आया कि वह उसे वेग में वह बात भूल गए कि राज्य ने कहा था जहां रख दोगे मैं मिलूंगा नहीं वहां से भी तुम चाहे जितना तपोबल लगा लेना तो उन्होंने गिरिराज जी अब गिर्राज जी को लिए तो लघुशंका बनने सकती तो उन गिर्राज जी को विराजमान किया भूल गए कितना वे लव सलूशन का करके पांच मन पवित्र हो करके गिरिराज जी को उठाने की कोशिश की फिर और संकल्प शक्ति से तपोबल से कोशिश की फिर उनका गिरिराज उठते क्यों नहीं दूंगा आप सब भूल गए हमारी शर्त थी
कि आप यहां रख दोगे वहां से उठा नही पाओगे अब तुम्हारी ताकत नहीं कि मोटापा तुमको बहुत ही अंदर दुख हुआ कि गिरिराज जी को हम वाराणसी में विराजमान करना चाहते थे और यह यहां तो विनय भाई की रेसिपी नहीं मानते तो उन्होंने उद्धव इसकी का मुद्दा स्वीकार शाप दे दिया रोज एक तिल तिल तुम टो गो ओं श्री राधे आज भी ग्रह नीच राशि रोज साइकिल घर पर तो गिरिराज जी ने सांप बर्दाश्त किया लेकिन ब्रिटेन से बाहर महापुरुषों ने यह सिद्धांत स्थापित कर दिया कि गिरीराज जी महाराज को
ब्रज चौरासी कोस के बाहर ले जाया जा गिरा गिरा को बाहर ले जाना अपराध मानते हैं कि ऐसा नहीं करना चाहिए हमारे प्रश्न में हमारी अगली रॉ आपको गिरिराज जी के प्रति उनकी छवि का सेवन लेकिन राज्य के बाहर न विराजमान करें हर संप्रदाय के लोगों की मान्यता है कि हमारे को बाहर निकले कईं लाभ लिया जाता है कि जितना कि गिरिराज जी की वह ले रखे थे लेकिन हम कहते हैं और करो कि अगर बहुत प्यार है तो आ जाओ गिरिराज जी के घर में रहो आकर गिरिराज जी कि मैं बहुत बड़ा ब्रजमंडल है
वास करो ब्रजमंडल में क्यों कहा उनकी प्रसन्नता के लिए ही तो उनको सेवा में विराजमान करते हैं कि गिरिराज जी गिर्राज जी ने साफ बर्दाश्त कर लिया वृक्ष से बाहर जाना बर्दाश्त नहीं कि आप मुनि को हारकर वापस सुनाओ प्राइस ले ऐसा ही करना चाहिए
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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