क्या ब्रजवासियों के लिए भगवान के दंड विधान में कुछ छूट है ??
श्री धाम वृन्दावन पर पूज्य महाराज जी के वचन — ऊपर वीडियो में सुनें।
पूरा प्रवचन
पवन कुमार जी वृंदावन जी श्री हरिवंश महाराज जी महाराज जी ब्रिज वासी होने के कारण ठाकुर जी की कृपा से बचपन सेही हमारा अध्यात्म और भक्ति भाव में मन रहा है महाराज जी मेरा एक प्रश्न है जैसे कि आप कहते कि ब्रजवासी पूजनीय है और ठाकुर जी के भी प्राण प्यारे हैं तो क्या महाराज जी ठाकुर जी का दंड विधान हमारे लिए भी गैर बृज वासियों की तरह समान या अलग होगा हां उनका विधान तो वही होगा घर के हो पर कानून में फस जाओगे तो पिता भले न्यायाधीश हो अगर असली में वो अस्वी
को अपने धर्म को जानता है तो वह आपका पक्षपात नहीं करेगा कि पुत्र का पक्षपात कर ले नहीं वो न्याय के अनुसार आपको दंड देगा फिर उसमें विधान निकालने की कोशिश करेगा कि न्यायाधीश होकर मैंने दंड निर्धारित कर दिया पर मैं पिता होकर के अगर पैर छूना पड़ेगा विपक्ष के हाथ जोड़ना पड़ेगा तो वो करूंगा और क्षमा याचना करवाऊंगी पर न्याय पर कोई ऐसा न्याय पर नहीं हो सकता तो भगवान तो सर्व लोक महेश्वर न्यायाधीश है देख लीजिए हम आपको उदाहरण देते हैं ब्रजवासी तो भगवान के पार्षद हुए ना भाव में लेकिन हम नित्य पार्षद जय विजय की बात कर रहे हैं बैकुंठ में विराजमान है सनकादिक और फिर दिगंबर हूं कोई वेग नहीं है कोई कपड़ा मतलब आपने रोका क्यों इसका मतलब तुम में आसुरी बुद्धि आम आ चुका है जाओ मैं शाप देता हूं तीन जन्म तक तुम दैत्य राक्षस योनि को प्राप्त हो भगवान आए मिटाया नहीं हां तुम हमारे हो कानून पास कर दिया तुम तीन जन्म तक राक्षस बनोगे पर तुम हमारे हो इसलिए मैं भी जन्म लूंगा और मैं हर जन्म में तुम्हारा उद्धार मैं ही
करूंगा तो भगवान अगर तीन जन्म उनको शाप मिला तो चार जन्म भगवान ने लिए रावण कुंभक भगवान श्री राम रणा हिरण कश्यप तो य दो अवतार हुए वारा अवतार में हिर का उद्धार किया और नरसिंह अवतार में हिरण कश्यप का और शिशपाल दंत वक तो भगवान श्री कृष्ण चंद्र चार अवतार हो गए ना सेवक ने तीन और स्वामी ने चार पर अवता लेना पड़ा सिस्टम नहीं बिगाड़ा भगवान कह सकते थे सन काद से ऐसा क्यों क्षमा तो भगवान की बात मिथ्या थोड़ी है भगवान ने कानून नहीं काटा तुमने अपराध किया क्यों रोका इन्होंने दंड दिया तो इनकी सामर्थ्य है तुम्हें दंड स्वीकार करना होगा पर बीच में मैं स्वामी होने के कारण स्वयं अवतार लूंगा और तुम्हारा उद्धार मैं स्वयं करूंगा तो ब्रजवासी होने के कारण भगवान पक्ष लेंगे पर कानून का जो उसका निर्णय सही होगा उसमें दंड नहीं होगा जैसे यहां कुत्ता भी देखते हैं आप शूकर भी देखते हैं यह लोक त नहीं पूजनीय है पर य आप देखते हैं कि कुत्ते की टांग टूट गई घस कर चल रहा दर्द उसको हो रहा है ना कष्ट वो भोग रहा है ना अब शरीर छूटेगा
ना अब वो भगवान को प्राप्त होगा बिना किसी उपाय के क्योंकि रज रानी की कृपा और वह धाम का जीव पर उसको कष्ट हो रहा है ना व पिजल गया तड़प तड़प के मर रहा है कष्ट हो रहा है ना कानून अगर तुमने यहां उद्दंडता की पापा आचरण किए तो कानून दंड देगा पर तुम ब्रजवासी हो भगवान के जन हो तो अंत ततो गत्वा फाइनल में तुम्हारा मंगल हो जाएगा तुम्हारा मंगल कल्याण हो जाएगा वो सांसारिक जीव की तरह उसकी दुर्गति नहीं होगी क्योंकि वो रजो सेवी है इसी रज में जन्मा है पर रज में गलती
हो गई तो भूत बनेगा यही का सुवन बनेगा यही का कुत्ता बनेगा यही का नाली का कीड़ा बनेगा यही का जिसके लिए बड़े-बड़े आचार्य मांग रहे हैं श्रीपाद प्रधान जी कह रहे मुझे बाहर ब्रह्मा मत बनाना वृंदावन की नाली का कीड़ा बना देना हरिराम व्यास जी क होमन वृंदावन को स्वान यहां कुत्ता बना देना मुझे कुछ ले यहां का यहां का तो बनेगा यही पर आखिरी जन्म उसका होगा और वह दंड भोग करके भगवान को प्राप्त होगा समझ रहे आप कोई संशय इसमें
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मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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