मौका बार-बार नहीं मिलता.. कहीं देर न हो जाए!
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
यह जितनी भी गंदी बातें हैं मदिरापान करना, मांस खाना, जुआ खेलना, व्यभचार करना यह सब महापाप है। बुद्धि को भ्रष्ट कराकर ऐसे जीव को नष्ट हो जाता। यह समझ में नहीं आता। मनुष्य शरीर बड़ा अमूल्य है बच्चा। ये बार-बार नहीं मिलता है। मान लो 84 लाख योनियों में एक बार कृपा करके मिल गया। अब जैसे आपने अच्छे आचरण किए तो आपको हो सकता है अगला जन्म मनुष्य जन्म मिल जाए। जो चूक हुई उसको सुधारने लेकिन आप ऐसे मिटिया मेट कर दिए। ₹1000 दिए गए। एक एक के पूरे 1000 बर्बाद कर दिए तो अगली बार पिता तुम्हें एक रुपया भी नहीं देगा।
हां आपने 900 अच्छी जगह खर्चे किए। 100 चूक कर दी तो आपको अगली बार भी चांस मिल सकता है।
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
संबंधित
- जिससे प्रेम होता है, उसकी हर चीज़ प्यारी लगती है — जब हम किसी को अपना मानते हैं तो बार-बार उसकी चर्चा करने में, बार-बार उसकी चर्चा सुनने में और वह गली भी प्यारी लगती है जिसमें अपना प्यारा रहता है और उसके पड़ोसी भी प्यारे लगते…
- भगवान कब मिलते हैं? हर साधक को जानना चाहिए | Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj — एक बार नारद जी महाराज भ्रमण करते हुए जा रहे थे तो कुछ समीप पे एक बट वृक्ष के नीचे महात्मा भजन कर रहे थे एक पीपल के नीचे भजन कर रहे थे तो नारद जी को प्रणाम करके बट वृक्ष वाले…
- माँगी हुई हर चीज़ क्यों नहीं मिलती, क्या वजह है? — मां के पास गए हमें इतने रुपए दीजिए नहीं हमें चाहिए इतने नहीं देंगे नहीं देंगे नहीं देंगे तो बदमाश बर्बाद करेगा तो यह बात मां से ही हो सकती है दूसरे से नहीं हो सकती आप दूसरे से…
- 🤍🤍राधापिय जू के फूल बंगला में दर्शन 🤍🤍 — राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा [घंटा] राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा…
- कलियुग में ऐसा क्या खास है जो सतयुग में भी नहीं? — कलयुग पापों का विस्तार करेगा तो मुनियों ने विचार किया कि पापों से कैसे बचा जाए तो भगवान व्यास देव जी उस समय गंगा जी में स्नान कर रहे थे तो सबने सोचा चलो व्यास जी से चलकर के…
- एक फैसला जिसने युद्ध का अंत तय कर दिया! — जब गांधारी जी ने सुना कि भीम ने संकल्प लिया है कि दुर्योधन की जांघ तोड़ेंगे तो दुर्योधन से कहा तू दिगंबर होकर आजा मेरे सामने मैंने आज तक अपने पातिव्र धर्म की शक्ति का प्रयोग नहीं…