जिससे प्रेम होता है, उसकी हर चीज़ प्यारी लगती है
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
जब हम किसी को अपना मानते हैं तो बार-बार उसकी चर्चा करने में, बार-बार उसकी चर्चा सुनने में और वह गली भी प्यारी लगती है जिसमें अपना प्यारा रहता है और उसके पड़ोसी भी प्यारे लगते हैं। अगर कोई उधर का आपने उनको देखा था क्या आज? तो आप तो आज देखा था तो अच्छा वो प्रसन्न थे ना उनकी बात करना उनकी चर्चा करना और कहीं वो हमारे समीप और उनकी जूठन मिले उनके साथ खाए पिए खेले हसे कितना प्यार बढ़ेगा अच्छा कुछ भी वो करें वो उसकी स्मृति में रहेगी जिससे प्यार करती है वह या वो उसकी स्मृति में रहेगा जो उससे प्यार करता है जगत का स्वरूप स्वभाव यही है इसलिए गोस्वामी जी ने कहा काम नारिय लो प्रियदा तो बिना बिना स्मृति के साधारण प्यार नहीं है तो असाधारण प्यार बिना स्मृति कैसे हो जाएगा?
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
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