राधाष्टमी स्पेशल | ऐसे हुआ लाड़ली जू का दिव्य प्राकट्य
पूज्य महाराज जी का एक संक्षिप्त वचन — पूरा सुनने के लिए ऊपर वीडियो देखें।
पूरा प्रवचन
वृषभानु जी प्रातः कालीन वेला में 3:00 बजे यमुना जी जाते थे। भाद्र शुक्ल पक्ष अष्टमी प्रभात वेला जो ही यमुना जल में प्रवेश किया तो देखा एक ज्योतिर्मय कमल प्रवाहित [गला साफ़ करने की आवाज़] नहीं हो रहा। एक ही जगह विराजमान है। आगे बढ़े इतना सुंदर कमल एक अद्भुत आनंद हो रहा है। वृषभान जी को कुछ नहीं दिखाई दिया। कमल दिखाई दिया पर एक आकर्षण है। उस कमल को जी स्पर्श किया रोमांच हो गया। अशुभ प्रवाह होने लगे। एक अद्भुत आकर्षण कमल को उठाया जी हृदय से लगाया दो घड़ी तक तू बेशुद्र रहे 48 मिनट तक तो जल में ही श्री जी के रूप रस में डूब गए ये ले चलते हैं पुष्प उस पुष्प को अपने दोनों कर में विराजमान करके आनंद से लड़खड़ाते हुए वो दिव्य पुष्प ऐसी जगमग कांत महा अद्भुत छटा और एक अपार आनंद महल में प्रवेश किया और सीधे कीर्ति रानी के पास गए और कहा आज यमुना जी में अलौकिक कमल देखो हमें में अद्भुत आनंद प्राप्त हो रहा है।
स्वर्णिम का ऐसी सुगंध जो प्रेम से व्याकुल की हुई है। उस कमल को लाकर कीर्ति द रानी की गोद में विराजमान किया। जो ही कमल गोद में पहुंचा अब दिखाई दी। गोद में कंचन वरना शिशु रूप लाडली। यहां लाडली जो इतने भाव में मगन थे। थी उसी पुष्प में पर तेज का थी। जब कीर्तिद रानी की गोद में तो देखा कि जो भाव देश में हमारे किशोरी जगमगाती रहती थी। वो विराजमान है। लाडली जो प्रकट हुई पूरे भवन में उलाहल मच गया। बात प्रकाशित हुई कि कीर्ति दार रानी के किशोरी जो प्रकट हुई लाडली जो यह रहस्य प्रकाशित नहीं किया।
महान वैभव संपन्न वृषभानु जी की जब जो आंतरिक इच्छा थी पूर्ति
यह पाठ वीडियो के स्वचालित (auto-generated) उपशीर्षकों से लिया गया है — इसमें शब्दों की त्रुटियाँ हो सकती हैं। प्रामाणिक वचन के लिए वीडियो अवश्य सुनें।
मूल वीडियो: Bhajan Marg (YouTube)
संबंधित
- जिससे प्रेम होता है, उसकी हर चीज़ प्यारी लगती है — जब हम किसी को अपना मानते हैं तो बार-बार उसकी चर्चा करने में, बार-बार उसकी चर्चा सुनने में और वह गली भी प्यारी लगती है जिसमें अपना प्यारा रहता है और उसके पड़ोसी भी प्यारे लगते…
- भगवान कब मिलते हैं? हर साधक को जानना चाहिए | Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj — एक बार नारद जी महाराज भ्रमण करते हुए जा रहे थे तो कुछ समीप पे एक बट वृक्ष के नीचे महात्मा भजन कर रहे थे एक पीपल के नीचे भजन कर रहे थे तो नारद जी को प्रणाम करके बट वृक्ष वाले…
- मौका बार-बार नहीं मिलता.. कहीं देर न हो जाए! — यह जितनी भी गंदी बातें हैं मदिरापान करना, मांस खाना, जुआ खेलना, व्यभचार करना यह सब महापाप है। बुद्धि को भ्रष्ट कराकर ऐसे जीव को नष्ट हो जाता। यह समझ में नहीं आता। मनुष्य शरीर…
- माँगी हुई हर चीज़ क्यों नहीं मिलती, क्या वजह है? — मां के पास गए हमें इतने रुपए दीजिए नहीं हमें चाहिए इतने नहीं देंगे नहीं देंगे नहीं देंगे तो बदमाश बर्बाद करेगा तो यह बात मां से ही हो सकती है दूसरे से नहीं हो सकती आप दूसरे से…
- 🤍🤍राधापिय जू के फूल बंगला में दर्शन 🤍🤍 — राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा [घंटा] राधा श्री राधा राधा राधा राधा श्री राधा राधा श्री राधा राधा राधा राधा राधा राधा राधा…
- कलियुग में ऐसा क्या खास है जो सतयुग में भी नहीं? — कलयुग पापों का विस्तार करेगा तो मुनियों ने विचार किया कि पापों से कैसे बचा जाए तो भगवान व्यास देव जी उस समय गंगा जी में स्नान कर रहे थे तो सबने सोचा चलो व्यास जी से चलकर के…